हरियाणा में छह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने की चर्चा
कांग्रेस की 30 मार्च को होने वाली बैठक के बाद बनेगी बड़ी रणनीति

सत्य खबर हरियाणा
By-Election Call : हरियाणा विधानसभा की 6 सीटों पर उपचुनाव की आहट अब सुनाई देने लगी है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ वोट करने कि आरोपी पांच विधायकों के साथ बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स द्वारा इस्तीफा देकर भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना बलवती होती नजर आ रही है।
कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों नारायणगढ़ से शैली चौधरी, साढ़ौरा से रेनू बाला, रतिया से जरनैल सिंह, पुनहाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से मोहम्मद इसराइल को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से जरनैल सिंह और शैली चौधरी ने कांग्रेस नोटिस का जवाब देते हुए आरोप को पूरी तरह से गलत बताया है, जबकि बाकी तीन विधायकों कोई जवाब नहीं दिया है। दूसरी ओर कुलदीप का लगातार पार्टी के नेताओं के खिलाफ बयान देते रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों हरियाणा में प्रतिपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुलदीप वत्स के फार्म पर पहुंचे थे। कहा गया था कि वह विधायक के भतीजों को उनकी शादी पर आशीर्वाद देने के लिए गए थे लेकिन राजनीतिक माहौल के बीच दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक चर्चा की थी चर्चा चली थी। इस बैठक के बाद कुलदीप पक्ष नहीं अपने किसी नाराजगी से इनकार किया था।
प्रदेश की राजनीति में इस समय 48 विधायक भाजपा के हैं जबकि 37 कांग्रेस के। तीन विधायक निर्दलीय और दो सीट इन लोगों के पास हैं।
क्या कहता है नियम
भारतीय नियमों के अनुसार अगर पार्टी विधायकों को निकालती है तो उनकी सदस्यता बरकरार रहेगी। उन्हें विधानसभा में असंबद्ध सदस्य के रूप में मान्यता दी जाएगी। अगर विधायक खुद पार्टी छोड़ते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना होगा। वर्तमान के राजनीतिक संदर्भ में अगर विधायकों को पार्टी छोड़ने होती तो वह इस्तीफा दे चुके होते। लेकिन कांग्रेस के निकालने पर वह विधानसभा में सदस्य के रूप में कार्य कर सकते हैं और उसके बाद उन पर कांग्रेस का किसी भी व्हिप का कोई असर नहीं नहीं होगा।
भाजपा से नजदीकियों की चर्चा
कांग्रेस के खिलाफ जाकर वोट करने वाले पांच विधायकों और कुलदीप वत्स के प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से अच्छे संबंध होना बताए जाते हैं। माना जाता है कि कांग्रेस को छोड़कर यह लोग भाजपा में शामिल हो सकते हैं और पार्टी इन्हें दोबारा टिकट देकर मैदान में उतार सकती है। भाजपा का मानना है कि अगर 6 सीटों पर चुनाव होता है तो पार्टी कम से कम चार सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। हथीन और पुनहाना में समस्या का सामना करना पड़ेगा। पार्टी के भीतर फिलहाल दो राय हैं। पहली तो यह कि इन्हें असंबद्ध सदस्य के रूप में रखा जाए और पार्टी के साथ जोड़ा जाए। जिससे पार्टी को इन सभी का समर्थन मिलता रहेगा। दूसरा यह कि इनसे इस्तीफा दिलाकर उपचुनाव करवाया जाए और इन्हें पार्टी की टिकट पर मैदान में उतारकर पार्टी की सदस्य संख्या बढ़ाई जाए।
कांग्रेस की बैठक के बाद होगी स्थिति साफ
कांग्रेस ने हरियाणा को लेकर दिल्ली में 30 मार्च की बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में कांग्रेस क्या फैसला करती है इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा। प्रदेश में उपचुनाव होगा या विधायक अपनी सदस्यता को बचाए रखने में सफल होंगे यह सब कुछ कांग्रेस की बैठक के बाद ही फाइनल होगा।
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